किसी के इतने पास न जाके दूर जाना खौफ़ बन जाएएक कदम पीछे देखने पर सीधा रास्ता भी खाई नज़र आए किसी को इतना अपना न बना की उसे खोने का डर लगा रहे इसी डर के बीच एक दिन ऐसा न आए तू पल पल खुद को ही खोने लगे किसी के इतने सपने न देख की काली रात भी रंगीली हो जाए!
आँख खुले तो बर्दाश्त न हो जब सपना टूट टूट कर बिखरने लगे किसी को इतना प्यार न करके बैठे . की
बैठे आँख नम हो जाए उसे गर मिले एक दर्द इधर जिन्दगी के दो पल कम हो जाए ।
किसी के बारे मे इतना न सोच की सोच का मतलब ही वो बन जाए. भीड़ के बीच भी लगे तन्हाई से जकडे गए किसी को इतना याद न कर की जहा देखो वो ही नज़र आए राह ।
देख देख कर कही ऐसा न हो जिंदगी पीछे छूट जाये
Wednesday, June 25, 2008
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